3 इडियट्स के ‘चतुर’ ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर ओमी वैद्य ने जताई गंभीर चिंता
साल 2009 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 Idiots’ तो आप सबने देखी होगी। फिल्म का वो किरदार ‘फुंसुक वांगड़ू’ भी आपको याद होगा, जिसने अपनी अनोखी सोच और आविष्कारों से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो किरदार पर्दे पर निभाने के लिए प्रेरणा कहाँ से मिली थी? वो इंस्पिरेशन थे लद्दाख के असली ‘फुंसुक वांगड़ू’ यानी इंजीनियर, आविष्कारक और शिक्षक सोनम वांगचुक।
आज वही सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं और उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। सोनम वांगचुक की इसी गंभीर स्थिति को देखकर फिल्म ‘3 Idiots’ में ‘चतुर रामलिंगम’ का यादगार किरदार निभाने वाले एक्टर ओमी वैद्य का दर्द छलक उठा है। ओमी ने एक बेहद भावुक वीडियो शेयर कर सरकार और देश की जनता से बड़ी अपील की है।
पंजाबी-अमेरिकन और बॉलीवुड एक्टर ओमी वैद्य ने सोशल मीडिया पर जैसे ही अपना यह नया वीडियो शेयर किया, इंटरनेट पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। ओमी ने वीडियो की शुरुआत में अपना परिचय देते हुए कहा— ‘मैं 3 इडियट्स का वही चतुर हूँ और आज आप सब तक एक बेहद जरूरी संदेश पहुंचाना चाहता हूँ।’
ओमी ने बताया कि फिल्म में आमिर खान का निभाया गया ‘फुंसुक वांगड़ू’ का किरदार असल जिंदगी के जीनियस सोनम वांगचुक से ही प्रेरित था। ओमी ने अपनी और सोनम वांगचुक की एक पुरानी मुलाकात को याद करते हुए कहा कि वे एक बेहद साधारण, सादगी पसंद और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले इंसान हैं। ऐसे में उनकी इस हालत को देखकर चुप रहना नामुमकिन है।
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए ओमी वैद्य ने कहा कि वह पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। कई हफ्तों से उन्होंने अन्न का एक दाना तक नहीं खाया है, जिससे उनका ब्लड शुगर लेवल खतरनाक स्तर तक गिर चुका है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा बेहद गंभीर है और इसे नजरअंदाज करना बहुत बड़ी भूल होगी।
भावुक होते हुए ओमी ने कहा— ‘हर किसी की राजनीतिक राय अलग हो सकती है, लेकिन मैं इतना जरूर जानता हूँ कि मैं एक ऐसे इंसान को मरते हुए नहीं देख सकता जिसने इस देश और समाज के लिए इतने बेहतरीन काम किए हैं। अगर आप उनकी मांगों से सहमत हैं, तो उनके ट्वीट्स को रीट्वीट करें, सोशल मीडिया पर उनकी आवाज बनें और सरकारी प्रतिनिधियों तक इस बात को पहुंचाएं ताकि जल्द से जल्द बातचीत का रास्ता साफ हो सके। हम अपनी लाइफ में इतने बिजी हो जाते हैं कि आसपास के बड़े मुद्दों को भूल जाते हैं, लेकिन अब जागने का वक्त है।’
