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गल्फ की सरजमीं पर ॐ की गूँज एवं शिवा ध्यान योग गुरु सुनील सिंह के द्वारा

योग की यात्रा केवल भारत में ही नहीं अपितु देशों विदेशों में भी गुंजायमान है। दुबई में पहली बार  बड़ी बड़ी गगन चुम्बी इमारतों के बीच समुद्र तट के समीप Runway पर दुबई टूरिज़्म के द्वारा *एक्स दुबई* नामक कम्पनी ने 4 नवम्बर 2017 को भारतीय मूल के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंचम योग गुरू सुनील सिंह को आमंत्रित किया।
अंतर्राष्ट्रीय पन्चम योग गुरु सुनील सिंह *Yoga Lovers* के संस्थापक एवं चेयरमैन पद पर आसीन हैं। यह संगठन योग द्वारा स्वस्थ रहने की प्रेरणा देता है। विभिन्न प्रकार के रोगों से निदान  योग एवं अन्य चिकित्साओं द्वारा कैसे पाया जाए की कार्यशाला समय समय पर Yoga Lovers के बैनर तले अन्य संगठनों एवं संस्थाओं के साथ मिलकर करता है।
 मंच का संचालन करते हुए योग गुरु सुनील सिंह के सानिध्य में सूर्योदय के समय लगभग 800  लोगों ने योग कार्यशाला में भाग  लिया जिसमें 100 लोग विभिन्न देशों से आए थे। यह कार्यशाला लगभग डेढ़ घंटे चली। प्रातः 6:30 बजे से 8:00 बजे तक लोगों ने कार्यशाला में गगनचुंबी इमारतों के बीच आकाश से समुद्र तल की गहराइयों तक ॐ की ध्वनि का घोष किया जो कि सूर्य की सात किरणों की ऊर्जा लेते हुए सातों चक्रों को क्रियान्वित करती है। एक महीने चलने वाली कार्यशाला Health and Wellness 30 x 30 यानि 30 दिन नियमित रूप से आधा घंटा योग एवं व्यायाम करने से मन एवं शरीर स्वस्थ रहते हैं का संदेश दिया। मन्त्रों उच्चारण के साथ सूर्य नमस्कार का अभ्यास करवाते हुए लाभ बताए। सूर्य नमस्कार कब क्यों कैसे किया जाए की जानकारी देते हुए लगातार छ: बार अभ्यास करवाया। शिवा ध्यान योग करवाते हुए आत्मा से परमात्मा के मिलन का अनुभव करवाया एवं जापानी तकनीक ज़ुम्बरीश से चेतन मन को अवचेतन मन की ओर ध्यान करने की कला सिखाई।
विभिन्न कलाओं में निपुण योग गुरू सुनील सिंह की कार्यशाला में सबसे छोटा नन्हा बालक 14 वर्ष का था एवं सबसे वृद्ध 82 वर्ष की महिला थीं। इस कार्यशाला का मूल उद्देश्य शारिरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से दृढ़ता प्रदान करना था।
योग गुरु सुनील सिंह ने 2016 में सुश्री शिल्पा शेट्टी के साथ बुर्ज खलीफा में 9000 व्यक्तियों को योग का अभ्यास करवाया था।  योग गुरू सुनील सिंह के नाम से बहुत से लोग परिचित भी थे इसलिए योग का आनंद लेते हुए कार्यक्रम के पश्चात पिक्चर, सेल्फी आदि के साथ ऑटोग्राफ़ भी लिए और अपने अपने जीवन के अनुभवों का आदान प्रदान भी किया। अपना परिचय देते हुए उनके शुभचिंतकों ने बताया कि उनके द्वारा सिखाए गए योग प्राणायाम, ध्यान आदि का आज भी अनुसरण करते हुए अपने स्वस्थ रहने का कारण बताया और कहा कि योग गुरू सुनील सिंह योग अभ्यर्थियों के प्रेरणा के स्तोत्र हैं।आगामी समय में दुबई में जल्दी ही योग के बड़े बड़े कार्यक्रम और कार्निवाल की तैयारी करवाने में लोग जुटे हुए हैं। उसमें भी विश्व स्तरीय योग गुरुओं को आमंत्रित करेंगे जिसका एक अहम हिस्सा योग गुरु सुनील सिंह भी होंगे।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ये भी रहा कि मुस्लिम देशों में भी हिन्दुस्तनी परम्परा  को योग के रूप में अपना कर अपना रुझान दिखाते हुए कहा कि हमें योग को लेकर जो भ्रांतियां थीं वो दूर हो गई हैं और वे सब हिंदुस्तानी धरोहर योग की ओर आकर्षित हो समय समय पर कार्यशालाओं का आयोजन करते हैं एवं जिसका संचालन योग गुरू सुनील सिंह भी करते हैं।
जिस प्रकार हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सम्पूर्ण विश्व में 21 जून को योग दिवस घोषित किया है उसकी स्वीकार्यता का अनुभव विश्व में हो रहे विभिन्न विभिन्न आयोजनों से लगा सकते हैं क्योंकि 2017 में 21 जून को लगभग 55 देशों ने भाग लिया था जो योग के महत्व को अच्छी तरह से समझते हैं।
पहले योग केवल हिन्दुस्तान तक सीमित था, किन्तु अब योग का परचम सम्पूर्ण विश्व में फहरा रहा है। योग गुरु सुनील सिंह का कहना है कि अन्य देशों के साथ मिल कर योग करने से योग का अर्थ समझ आया कि  योग का अर्थ जोड़ना होता है, मेरा आप से मिलन और आपका मेरे से मिलन का अर्थ ही योग है।

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