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‘नही’का मतलब ‘नही’- डायलाग इनिशिएटिव फाउंडेशन की पहल

बोल बिंदास, दिल्ली | महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली के फॉरेन कारेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया में एक संवाद ‘Woman’s Safety and Security’ का आयोजन किया गया। इस संवाद का आयोजन Dialogue Initiative Foundation द्वारा 16 दिसंबर को निर्भया गैंग रेप जिसने देश को हिला दिया था उसको याद करते हुए किया गया । इस कार्यक्रम में दिल्ली के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती रेखा शर्मा थीं।

कार्यक्रम की शुरुआत अन्वेषा केशव के गाये गीत ‘ बेखौफ आज़ाद है जीना मुझे’ से हुई। रामशंकर विद्यार्थी और ऋचा चंडी ने Woman’s perspective and Alternative Media विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। एक अन्य शोधपत्र Woman and Security विषय पर अभिरुचि द्वारा रखा गया। तारा शंकर चौधरी ने Insecurities faced by Woman, mainly dealing with sexual crime’s and sexual violance विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। इनके अतिरिक्त सुरभि कुमारी, सुरक्षा, सोनिया चौधरी ने भी इस विषय पर अपने विचार रखे। डॉ सुरभि ने illigal abortions after rape and child abuse विषय पर अपने विचार रखे। योगिता भयाना, टेलीविज़न एंकर ऋचा अनिरुद्ध, अदिति टंडन  ने भी इस विषय पर अपने विचार रखे। महिलाओं की समानता पर एस वेंकट नारायण ने बताया कि किस तरह महिलाओं को अपने अपने हक़ के लिए आवाज़ उठानी चाहिए और कैसे ‘नही ‘का मतलब ‘नही’ होता है।

प्रोफ़ेसर लाल बहादुर ने प्रश्नोतर के बाद विषय का समापन किया और राकेश कुमार ने सभी अथितियों को कार्यक्रम में भाग लेने और सारगर्भित चर्चा के लिए धन्यवाद दिया।

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