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राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू

देश के 14वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA से रामनाथ कोविंद और विपक्ष से मीरा कुमार आमने-सामने है। इसके लिए 10 बजे से  वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राषट्रपति चुनाव के लिए अपना मत डाल दिया है। इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में 63% वोटों के साथ रामनाथ कोविंद का पलड़ा भारी माना जा रहा है। लोकसभा, राज्यसभा और देश की सभी विधानसभाओं के कुल मतों की गणना 20 जुलाई को दिल्ली में होगी जहां विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाई जाएंगी। बता दें, मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल आने वाली 25 जुलाई को पूरा होने जा रहा है।

ये है चुनाव प्रकिया

गौरतलब है कि, देश में राष्ट्रपति का चुनाव इलेक्‍ट्रॉल कॉलेज से किया जाता हैइस प्रक्रिया में जनता सीधे अपना वोट राष्ट्रपति को नहीं देती, बल्कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि विधायक और सांसद मिलकर राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में देश के सभी विधायक और सांसद मतदान करते हैं। चुनाव में जीत के लिए कुल 5.49 लाख मूल्य के वोटों की दरकरार होती है। चुनाव में प्रत्येक विधायक और सांसद के मत का वेटेज पहले से निर्धारित होता है। इसका गणित प्रत्येक राज्य की आबादी और उसके कुल विधायकों के अनुपात से निकाला जाता है। इसका हिसाब साल 1971 में हुई जनगणना से लगाया जाता है, जो साल 2026 तक चलेगा। मसलन 1971 की जनगणना के अनुसार मध्यप्रदेश की आबादी 30,017,180 थी, और राज्य के कुल विधायकों की संख्या 230 है।

अब इन विधायकों के वोटों का गणित निकालने के लिए 30,017,180 की संख्या को 230 से भाग दिया जाता है। जो संख्या आती है उसे फिर 1000 से भाग किया जाता है। इससे जो संख्या निकलकर आती है वो उस राज्य के विधायकों के वोटों का मूल्य माना जाता है। इसी तरह सभी राज्यों की आबादी के हिसाब से प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के विधायकों का वोट ‌मूल्य तय कर लिया जाता है। सांसदों के वोटों का मूल्य निकालने के लिए देश के सभी विधायकों के कुल मूल्य से भाग कर दिया जाता है जो संख्या निकलकर आती है वो सांसद के वोट का मूल्य होता है।

कैसे होती है वोटिंग

देश के इलेक्ट्रॉरल कालेज के कुल सदस्यों का कुल वोट मूल्य 10,98,882 है। राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए 5,49,442 वोट की दरकरार होती है।

वोटिंग के दौरान प्रत्येक सदस्य को बैलेट पेपर पर अपनी पहली दूसरी और तीसरी पसंद के उम्‍मीदवार की जानकारी देनी होती है।

इसके बाद पहली वरीयता के वोट गिने जाते हैं, इस प्रक्रिया से ही अगर निर्धारित 5,49,442 वोटों की संख्या पूरी हो जाती है तो चुनाव पूरा माना जाता है और अगर पहली वरीयता के वोट पूरे नहीं पड़ते हैं तो दूसरी वरियता के वोटों की गिनती होती है।

क्या है मौजूदा पार्टियों का गणित

मौजूदा चुनाव में कुल 4120 विधायक और लोकसभा-राज्यसभा के 776 सांसद वोट डालेंगे।

फिलहाल केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए के सांसद और विधायकों के हिसाब से कुल 532019 वोट हैं।

जीत के लिए उसे कुल 549442 वोटों की जरूरत है जिसमें उसके पास 17423 वोट कम हैं।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए सोमवार को सचिवालय में होने वाले मतदान के बाद मतों की गणना के लिए मतपेटिका (बैलट बॉक्स) हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचेगी। इसके लिए हवाई जहाज में मतपेटिका के लिए सीट आरक्षित की जाएगी।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए दिल्ली के अलावा राज्यों की राजधानी में वोट डाले जाएंगे। राष्ट्रपति चुनाव के लिए सोमवार को सचिवालय के तिलक हॉल में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतों की गिनती दिल्ली में होगी। मतदान के बाद वोटों से भरा बैलट बॉक्स हवाई जहाज से दिल्ली ले जाया जाएगा। फर्क यह होगा कि यह बैलट बॉक्स हवाई जहाज के यात्रियों के सामान के साथ कार्गो कंटेनर में नहीं रखा जाएगा।

संवाददाता, ऋषभ अरोड़ा

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