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हिमाचल: कांग्रेस सरकार पर संकट,सीएम वीरभद्र को कुर्सी से हटाने की मांग

हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में गैंगरेप और मर्डर केस को लेकर बगावत शुरु हो गई है. खबर है कि पार्टी के 6 विधायकों ने हाईकमान को चिट्ठी भेजी है. इस चिट्ठी में उन्होंने सीएम वीरभद्र को कुर्सी से हटाने की मांग की है. लेकिन 6 बार हिमाचल के सीएम रह चुके सीएम को लेकर पार्टी ने अभी तक कोई बड़ा फैसला नहीं किया है. आपको बता दें कि 68 सदस्यीय हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस के 36 विधायक हैं, बीजेपी के 27 (हिमाचल लोकहित पार्टी के एक विधायक समेत) और 5 विधायक निर्दलीय है. ऐसे में यदि कांग्रेस के इन 6 विधायकों ने सरकार का साथ छोड़ दिया तो हिमाचल में कांग्रेस पार्टी के लिए उत्तराखंड और अरुणाचल जैसी स्थिति ना बन जाए ?

कांग्रेस के लिए संघर्ष हर उस राज्य में बना रहा. जहां बीजेपी की मौजूदगी है और उसका किसी ऐसे दल से गठबंधन है जो किसी ना किसी समय या तो एनडीए का सदस्य रहा हो या फिर वहां ऐसे नेता मौजूद हो जो पाला बदलने में माहिर होते है.

ये संकट कांग्रेस के लिए साल 2016 में पहले उत्तराखंड फिर अरुणाचल प्रदेश में आया. उत्तराखंड में तो कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पार्टी किसी तरह अपनी सरकार का कार्यकाल पूरा कर सकी. लेकिन अरुणाचल में कांग्रेस की पूरी सरकार बीजेपी के पाले में चली गई और पार्टी के पास 42 जीते हुए विधायकों में मुख्यमंत्री को छोड़कर सिर्फ सभी विधायक बीजेपी के पाले में चले गए.

इसके बाद मणिपुर में भी पार्टी को ऐसे ही हालात से गुजरना पड़ा. मणिपुर में भी साल 2016 राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस के 42 विधायकों में से 25 विधायक बागी हो गए. जिसके बाद पार्टी आलाकमान को हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रदेश अध्यक्ष को बदला गया. अब कांग्रेस पार्टी का हिमाचल में भी ऐसे संकट से सामना हो सकता है.

क्या है गुड़िया गैंगरेप मामला

4 जुलाई को आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू और अपने दोस्त आशीष और सुभाष के साथ स्प्रे करने वाली मशीन लेकर कहीं जा रहा था. इस दौरान उसने 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा गुड़िया को देखा और गाड़ी रोककर उसे घर तक लिफ्ट देने की बात कही. गुड़िया इलाके में नई आई थी और बीते मई ही उसने स्कूल में दाखिला लिया था. गुड़िया राजू को जानती थी, लिहाजा वह उसके साथ गाड़ी में बैठ गई. दरअसल राजू अक्सर स्कूली बच्चों को ले जाता था, जिससे गुड़िया को भी उस पर शक नहीं हुआ.

शराब के नशे में की दरिंदगी

पुलिस के मुताबिक, राजू और उसके दोस्त शराब के नशे में धुत थे. उन्होंने बीच जंगल में सामान उतारने का बहाना बनाते हुए गाड़ी रोक दी. मासूम के साथ गैंगरेप किया. अपने तीन साथियों को भी वहां बुला लिया और फिर गुड़िया की बेरहमी से हत्या कर उसकी लाश को जंगल में फेंक दिया.

गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए हुए प्रदर्शन

गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए गुम्मा कस्बे में 24 पंचायतों के चार हजार लोगों ने प्रदर्शन किया था. गुस्साए लोगों ने ठियोग-हाटकोटी नेशनल हाईवे पर सात घंटे तक जाम लगा दिया था. लोग इतने गुस्से में थे कि एक गाड़ी को तोड़ दिया. मौके पर पहुंचे एसडीएम टशी संडूप को कमरे में बंद कर दिया.

संवाददाता, ऋषभ अरोड़ा

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