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जीव हिंसा को बढ़ावा देने वाला कृत्य भगवान महावीर के देश मे राष्ट्र हितैषी कदम नही : विपिन जैन

भाजपा शाहदरा जिला के कार्यालय प्रभारी एवम जैन समाज के युवा नेता विपिन जैन ने देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी को पत्र लिख कर मांग करी है कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा विदर्भ क्षेत्र के सूखे से त्रस्त किसानों की आय बढ़ाने के नाम पर लाखों भेड़ बकरियों को जो ” शारजाह “में बेचे जाने की जो योजना बनाई गई है इस पर अविलम्ब रोक लगाई जाए क्योंकि अहिंसा का सन्देश देने वाले भगवान महावीर व महात्मा गांधी जैसे सन्तों के देश में ” जीव हिंसा ” को बढ़ावा देने वाला कदम कभी राष्ट्र हितैषी कदम नही हो सकता ।

विपिन जैन ने आगे बताया कि महारष्ट्र सरकार के इस तरह के फैसले को लेकर पूरे देश के जैन व अहिंसक समाज मे व्यापक रोष है । बताया जा रहा है सरकार द्वारा किसानों व चरवाहों की आय बढ़ाने के नाम पर अगामी 3 महीनों में 1 लाख जिंदा मूक भेड बकरियों को शारजाह भेजने की तैयारी की गई है । 30 जून 2018 को इसकी पहली किश्त केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सुरेश प्रभु व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस नागपुर एयरपोर्ट से रवाना करेंगे ।
सर्वविदित है कि शारजाह में भेड बकरियों का क्या होगा यह बताने की आवश्यकता नही है ।

उन्होंने प्रधानमंत्री जी को याद दिलाया कि भगवान महावीर ने जीव दया व अहिंसा का जो अमर संदेश दिया है उसी अनुसरण करते हुए आपने भी समय समय पर कहा है कि मांस के व्यापार को ज्यादा बढ़ावा नही दिया जाना चाहिये
अतः हम जिंदा मूक निर्दोष पशुओं को शारजाह भेजने जैसी जीव हिंसा को बढ़ावा देने वाली भारतीय हिन्दू संस्कृति विरोधी सरकार की नीति का विरोध करते है |

उल्लेखनीय है कि क्या अब सूखे से त्रस्त किसानों की आय बढ़ाने का एकमात्र उपाय उनके जिंदा पशुओं को शारजाह में बेचना ही रह गया है । क्या भगवान श्री राम, कृष्ण, महावीर व गांधी जी के देश से जिंदा पशुओं और मांस निर्यात किये जाना साधु संतों के देश की प्राचीन भारतीय संस्कृति है

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