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स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवा मैगजीन द्वार ई-जर्नलिज़म पर हुई परिचर्चा

नई दिल्ली, 12 जनवरी। दिल्‍ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में प्रबुद्ध चर्चाओं का दौर अब भी जारी है। स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी के दिन विश्व पुस्तक मेले के साहित्य मंच पर युवा की ई-मैगज़ीन “कैम्पसक्रौनिकल” और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के संयुक्त प्रयास से भारत में पाठन व्यवहार के बदलते स्वरूप और ई-जर्नलिज़म के विकास पर चर्चा का आयोजन किया गया। चर्चा में नवभारत टाइम्स के डेप्युटी ऑनलाईन संपादक श्री प्रभाश झा, प्रभात प्रकाशन के निदेशक श्री प्रभात कुमार, जानी-मानी ट्रैवल ब्लॉगर सुश्री कायनात काज़ी, ए.बी.वी.पी. के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक श्री साकेत बहुगुणा, कैम्पस क्रौनिकल के संपादक श्री आकाश सिंह व ब्लॉगर श्री अनुज अग्रवाल ने भाग लिया। कैम्पस क्रौनिकल के संपादकीय मंडल के सदस्य श्री यशदीप चहल ने चर्चा में मध्यस्थ की भूमिका निभाई और चर्चा का सफल आयोजन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर सभी प्रतिभागियों द्वारा पुष्पार्पण करके हुई।

चर्चा में श्री प्रभाश कुमार ने बताया कि कैसे युवा वर्ग अखबारों से ऑनलाईन माध्यमों की ओर बढ़ रहा है और ऐसे में क्या-क्या चुनौतियाँ का अखबारों और ऑनलाईन पोर्टल दोनो को सामना करना पड़ रहा है। श्री प्रभात कुमार ने इसी तथ्य में जोड़ते हुए बताया कि तकनीक के विकास के कारण लोग शारीरिक पुस्तकों से दूर जाते जा रहे है। कायनात काज़ी और अनुज अग्रवाल ने अपने ब्लॉगिंग के अनुभवों से श्रोताओं को न्यू मीडिया की शक्ति और सकारात्मक बिंदुओं से भी अवगत कराया। वही विद्यार्थी परिषद के मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा ने न्यू मीडिया के विषय पर सरकारी नियम व प्रक्रियाओं का विवरण दिया। साथ ही कैम्पस क्रौनिकल के संपादक श्री आकाश सिंह ने भारत और पश्चिम में न्यू मीडिया और कैम्पस मैगज़ीन की स्थिती और भविष्य में संभावनाओं की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम के अंत में श्री आकाश जी ने कैम्पस क्रौनिकल का स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर केंद्रित जनवरी मास के विशेषांक का अनावरण किया। आकाश ने धन्यवाद संबोधन देते हुए युवा के दिल्ली प्रांत संयोजक श्री रजनीश, कैम्पस क्रौनिकल के संपादकीय मंडल के सदस्य श्री गौरव त्यागी, श्री नितीश राय परवानी तथा श्री देवांशु मित्तल और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की कार्यकारिणी को आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का इति श्री किया।

 

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