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REVIEW-‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ :बीवी पास चाहिए तो घर में संडास चाहिए

कलाकार: अक्षय कुमार, भूमि पेडनेकर, अनुपम खेर और सुधीर पांडे
डायरेक्टर: श्री नारायण सिंह
आखिरकार फिल्म ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा आज रिलीज़ हो गयी है। बॉलीवुड में आय दिन कई विषयों पर फिल्में बनती हैं, लेकिन टॉयलेट जैसे विषय को बड़े पर्दे पर एक फिल्म के रुप में उतारना काबिले तारीफ है।
फिल्म की कहानी 
फिल्म ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ की कहानी केशव (अक्षय कुमार) की शादी के साथ शुरू होती है। केशव मांगलिक है और इस दोष को मिटाने के लिए उसकी शादी एक भैंस से की जाती है। इसके बाद उसकी मुलाकात कॉलेज टॉपपर जया (भूमि पेडनेकर) से होती है और वो उसके प्यार में पड़ जाते है। पहले तो जया उसे पसंद नहीं करती, लेकिन बाद में वे भी उसे चाहने लगती है। दोनों शादी के बंधन में बंध जाते है और जया मथुरा आ जाती है।
टॉयलेट नहीं तो ससुराल नहीं 
दरअसल, केशव के घर में टॉयलेट नहीं होता और महिलाओं को शौच के लिए खुले में जाना होता है। केशव अपने पिता से टॉयलेट बनवाने की बात करता है, लेकिन पुरानी सोच होने की वजह से वो मना कर देते हैं। इन सब बातों से परेशान होकर जया ससुराल छोड़ देती है और तलाक की मांग करती है। अब केशव न सिर्फ अपने घर में बल्कि पूरे गांव में टॉयलेट बनवाने का बीड़ा उठाता है।
दमदार एक्टिंग 
अगर बात करे एक्टिंग की तो अक्षय ने हमेशा की तरह दमदार एक्टिंग की है। भूमि पेडनेकर ने दूसरी फिल्म के साथ ही ये साबित कर दिया है कि उनमें टॉप एक्ट्रेस बनने की सारी क्वालिटीज है। केशव के पिता के रोल में सुधीर पांडे खूब जंचे हैं। अक्षय के भाई का रोल कर रहे दिव्येन्दु शर्मा और अनुपम खेर ने भी बढ़िया काम किया है।
फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है। खुले में शौच जैसी गंभीर समस्या को एंटरटेनमेंट के साथ बढ़िया तरीके से दिखाया गया है। मथुरा की नेचुरल लोकेशन आपको लुभाएंगी। म्यूजिक ठीक-ठाक है। फिल्म के डायलॉग्स मजेदार है।
कुलमिलाकर फिल्म में एंटरटेनमेंट के साथ सोशल मैसेज हैं तो ये फिल्म जरूर देखें।
-साक्षी दीक्षित

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