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अंग-अंग नहीं, बंद-बंद काटो-भाई मनीसिंह जी

संगत भवन, नई दिल्ली-सर्वंशदानी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश पर्व वर्ष-2017 को समर्पित ‘भाई मनी सिंह गुरमत शोध् एवं अध्ययन संस्थान ट्रस्ट’ का शुभारम्भ (उद्घाटन) एवं भाई मनी सिंह जी के चित्र का अनावरण करते हुए मुख्य अतिथि सत्कारयोग श्री नवीन कपूर जी- अध्यक्ष-श्री बद्री भगत झण्डेवाला टेम्पल सोसायटी ने संगतों को आह्वान करते हुए कि दशम् पातशाह श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने ‘चिड़ियों से मैं बाज लड़ाऊ’ की पंक्तियों को साकार करते हुए शहीदों के सरताज भाई मनी सिंह जैसे योद्धा तैयार कर दिखाए। जब भाई मनी सिंह को बन्दी बनाकर दण्ड के में बंद-बंद कटवाने का आदेश दिया गया, तब भाई मनी सिंह जी ने जल्लाद को कहा कि आपको अंग-अंग नहीं, बंद-बंद काटने का आदेश हुआ है। अतः आप उस आदेश का पालन करें। आप पुनः देश-धर्म- समाज की रक्षा के लिए मिल रही चुनौतियों के लिए आने वाली पीढ़ियों को उनका चरित्र बताना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अध्यक्षता करते हुए सत्कारयोग श्री कुलभूषण आहूजा- दिल्ली प्रान्त संघचालक -राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं सचिव-श्री बद्री भगत झण्डेवाला टेम्पल सोसायटी ने भाई मनी सिंह जी की शहीदी को देश के स्वर्णिम इतिहास का प्रकाश स्तम्भ (चानन मीनार) बताते हुए कहा कि उनके पद्चिह्नों पर चलकर आज भी देश विश्व गुरु बन सकता है। केन्द्रीय विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री ने दशम् पातशाह श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी को हिन्दुस्थान का मसीहा बताते हुए कहा कि उन्होंने भाई मनी सिंह जैसे योद्धाओं का निर्माण कर मुगल साम्राज्य को समाप्त कर खालसा राज्य की स्थापना कर दिखाई। अवकाश प्राप्त प्रिंसीपल डॉ. सुरजीत कौर जौली ने भाई मनी सिंह जी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए संगतों को बताया कि भाई मनी सिंह सिख पंथ के प्रचण्ड सूर्य के समान जगमगाते रहेंगे। राष्ट्रीय सिख संगत के अखिल भारतीय पालक अध्किारी सत्कारयोग श्री मधुभाई जी कुलकर्णी ने कहा कि जब व्यक्ति-व्यक्ति भाई मनी सिंह जी के समान अपनी आन-बान- शान के लिए प्राणों को न्यौछावर करने के लिए तैयार होता है तब-तब देश और समाज में से महाराजा रणजीत सिंह, सरदार हरिसिंह नलवा, बंदा सिंह बहादुर जैसे दिग्विजयी महापुरुषों का अवतार होकर खालसा राज्य (राम राज्य) की स्थापना होती है। राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक स. चिरंजीव सिंह जी ने कहा कि भाई मनी सिंह जी के समान सत्य की स्थापना का उद्देश्य ही शोध् संस्थान का कार्य है। राष्ट्रीय अध्यक्ष स. गुरचरन सिंह गिल ने शोध् संस्थान का परिचय देते हुए कहा कि सच्चाई के लिए भाई मनी सिंह के समान शोध् संस्थान में दस गुरुओं की वाणी को उनके ही शब्दों में प्रचारित तथा शोध् के कार्य को प्रोत्साहन दिया जाएगा। आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय महामंत्राी संगठन श्री अविनाश जायसवाल जी ने श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व वर्ष के सन्देश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेकर जाए, यही भाई मनी सिंह जी की शहीदी का सन्देश है। संचालन करते हुए राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अवतार सिंह शास्त्री ने देश में 350वें प्रकाश पर्व वर्ष को समर्पित राज्यपाल भवनों, मुख्यमंत्री निवासों तथा पतंजलि योगपीठ जैसे अनेक धर्मिक संस्थानों में हुए समागमों का ब्यौरा देते हुए उपस्थित संगतों को गौरवान्वित किया। मुख्य

मेहमानों का गुरु परम्परा के अनुसार सिरोपा, शाल, श्री साहिब (किरपान) सम्मान चिह्न, साहित्य प्रदान कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर प्रो. निर्मल सिंह रंधवा, स. गुरबचन सिंह मोखा, स. देवेन्दर सिंह गुजराल, स. महिन्दर सिंह बाली, स. देवेन्दर सिंह साहनी, स. जसपाल सिंह मनचंदा, स. किरणपाल सिंह त्यागी, स. मलकीत सिंह पद्म, स. हरमिन्दर सिंह मलिक, स. जसबीर सिंह, स. हरजीत सिंह मोंगा, डॉ. नरविन्दर सिंह विरक, डॉ. गुरमीत सिंह तथा भारी संख्या में बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।

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