You are here
Home > breaking > “राष्ट्रपति पद की दौड़ में नहीं हूं मैं”- संघ प्रमुख मोहन भागवत

“राष्ट्रपति पद की दौड़ में नहीं हूं मैं”- संघ प्रमुख मोहन भागवत

नागपुर: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रपति बनने की संभवनाओं से इनकार किया है. उन्होंने नागपुर में कहा कि मीडिया में जो चल रहा है वो होगा नहीं. उन्होंने कहा कि आरएसएस में शामिल होने के बाद मैंने बाकी सभी दरवाजे बंद कर लिए. गौरतलब है कि भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने सोमवार को मोहन भागवात को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था.
शिवसेना सांसद और पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने कहा कि केंद्र की राजग सरकार खासकर भाजपा को देश के अगले राष्ट्रपति के लिए आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के नाम पर विचार करना चाहिए, अगर वे ‘हिंदू राष्ट्र’ के अपने सपने को पूरा करना चाहते हैं.
राउत ने कहा था कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का भी विचार है कि भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के लिए भागवत को अगला राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए.
राउत ने कहा था कि एक कट्टर हिंदू राष्ट्रवादी के रूप में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं तथा एक और हिंदूवादी नेता आदित्यनाथ योगी देश की सर्वाधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं.
उन्होंने कहा, ‘भागवत तेज-तर्रार नेता हैं, कट्टर राष्ट्रवादी हैं और उन्हें संविधान की गहरी जानकारी है. इसलिए भाजपा यदि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है तो उसे भागवत के नाम पर जरूर विचार करना चाहिए. वह इस पद के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं.’
हालांकि, शिवसेना के प्रस्ताव पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि वे संघ में कम करते हैं और करते रहेंगे. राष्ट्रपति पद उनके लिए नहीं है.
उल्लेखनीय है कि मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इसी वर्ष जुलाई में समाप्त हो रहा है. अगला राष्ट्रपति उससे पहले चुना जाना है.

Top