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स्वामी सहजानंद नाथ के मिशन ग्रीन फाउंडेशन ने अपने स्तर पर चिन्हित किए 400 पेड़

हिसार 25 जून | मिशन ग्रीन फांउडेशन के पेड़ों की कटाई व शहर में पेड़ों के चारों ओर सीमेंटिड ब्लॉक बनाने से जलकर सूख रहे पेड़ों को बचाने के अभियान के तहत प्रशासन को ऐसे पेड़ों को चिन्हित करके दिया है, जो सीमेंट ब्लॉक बनने के कारण सूख गए हैं, या सूखने के कगार पर हैं। उल्लेखनीय है कि फाऊंडेशन व ऊँ सिद्ध महामृत्युंजय अंतर्राष्ट्रीय योग एवं ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संस्थापक तथा महामृत्युंजय चालीसा के रचयिता स्वामी सहजानंद नाथ ने इस संबंध में प्रदेश के पर्यावरण मंत्री व जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पेड़ों के चारों तरफ से सीमेंटिड ब्लॉक हटाने की मांग की। इसके लिए स्वामी सहजानंद नाथ निगम आयुक्त से मिले तथा उन्हें इस गंभीर स्थिति से अवगत करवाया। इस पर निगम आयुक्त ने कहा कि कि आप ऐसे पेड़ों को चिन्हित कर लिजिए हम उनसे सीमेंटिड ब्लॉक्स हटवा देंगे।

इस पर मिशन के सदस्यों बीते दस दिनों में इन पेड़ों को चिन्हित करवाया तथा इनके फोटोग्राफ इकट्ठा किए। मिशन के सदस्यों ने लगभग इस दौरान लगभग 400 पेड़ों को चिन्ह्ति किया तथा हैरानी की बात तो यह है कि इनमें से कई पेड़ सूख चुके थे या सूखने की कगार पर हैं। मॉडल टाऊन, पुष्पा कॉम्पलैक्स, दिल्ली रोड़, टाऊन पार्क, जिन्दल चौक, लघु सचिवालय के सामने, सैक्टर 14, सैक्टर 13 मधुबन पार्क, जिन्दल पार्क के सामने सहित हिसार के अनेक क्षेत्रों में ऐसे पेड़ हैं, जिनकी बलि जिला प्रशासन लेने पर तुला हुआ है। यदि जल्द इस मामले में समाधान नहीं किया गया तो वर्षों की मेहनत से तैयार इन पेड़ों की बर्बादी की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि पेड़ों व पर्यावरण की सुरक्षा के नाम पर सरकार जिस प्रकार पानी की तरह पैसा बहा रही है, यदि सही अर्थों में केवल इन पेड़ों को ही मुक्ति दिला दी जाए तो यह बहुत बड़ा कार्य होगा। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के नाम पर पूरा प्रशासनिक अमला इन योजनाओं में व्यस्त रहता है, लेकिन यदि इस समस्या की ओर थोड़ा सा ध्यान दिया जाए इन तैयार पेड़ों को भी बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब हम पौधा लगाते हैं तो हजारों पौधों में से एक पौधा पेड़ का रूप धारण करता है, इसलिए प्रशासन को चाहिए कि यदि एक पेड़ बचाया जाता है तो यह हजारों पौधे लगाने के समान होगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के तहत आने वाले बाल भवन में भी पेड़ों को काटा गया है, किसने इन्हें काटा है तथा क्यों काटा है, इसका प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं है।

मिशन के योगी सहजानन्द नाथ, हरीश ठकराल व अंकुर ने चिन्हित पेड़ों के फोटो व ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए इस मामले में त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हमें तुरंत इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देना है क्योंकि धीरे-धीरे हमारे चारों और खाली जमीन कंकरीट का रूप लेती जा रही है जिससे सभी पेड़ इसका शिकार होते चले जाएंगे।

सहजानंद नाथ ने बताया कि वहीं मिशन ग्रीन फाउंडेशन द्वारा शहर में घरों, दुकानों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में लोगों को गमले में पौधे लगाकर नि:शुल्क वितरित किए जाएंगे और सभी से अनुरोध व अपील की जाएगी कि वे उस गमले में लगे पौधे की देखभाल कर उसे बड़ा करें और जब वह बड़ा हो जाए तो उसे किसी पार्क इत्यादि में लगाएं। इससे लोगों में पेड़-पौधों व पर्यावरण के प्रति जागरुकता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में अधिक से अधिक लोगों का योगदान होगा। उन्होंने कहा कि पेड़ों से ही यह सृष्टि जीवित और हरी-भरी है यदि पेड़ नहीं होंगे तो हम नहीं होंगे। इसलिए हर किसी को पर्यावरण संरक्षण व पेड़-पौधों को लगाने व उन्हें बचाने में अपना योगदान देना चाहिए।

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