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जीवन को धनधान्य से भरने के लिए लक्ष्मीपूजन कब करें-समीर उपाध्याय

 

कलियुग में बिना धन कुछ भी संभव नहीं है | धन की देवी माँ लक्ष्मी है | एक सर्वमान्य मान्यता के अनुसार सूर्य की कन्या संक्रांति में पितृ श्राद्ध पक्ष और तुला संक्रांति में पितृ गण स्वस्थान को प्रस्थान करते हैं | उनके मार्ग दर्शन के लिए दीप दान का विधान अमावस्या के दिन किया जाता है | पितरों के प्रसन्न होने से देवता प्रसन्न होते हैं और उनकी प्रसन्नता से सुख – सौभाग्य प्रदायिनी लक्ष्मी का आगमन निश्चित है | एक अन्य मान्यता के अनुसार धन की देवी लक्ष्मी इस दिन पृथ्वीलोक में आती है | उन्हें प्रसन्न करने के लिए भक्तगण विभिन्न तरीके आज़माते हैं | यही है आपकी दीपावली |

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दिन सूर्य और चंद्र तुला राशि में होते हैं, तुला का स्वामी ग्रह शुक्र को सुख – सौभाग्य का कारक माना जाता है | इस संयोग में लक्ष्मी की पूजा धन्य – धान्य की प्राप्ति करने वाला माना गया है | लक्ष्मी चंचला होती हैं, इसलिए स्थिर लग्न में इनकी पूजा का विधान शुभ माना गया है |

गृहस्थों के लिए प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद दो घटी का ) समय स्थिर लग्न के साथ माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है |
इस वर्ष 07-11-2017, बुधवार के दिन कार्तिक अमावस्या तिथि रात्रि 09:32 तक रहेगी | इस दिन चन्द्रमा दिन – रात तुला राशि में रहेगा |

विभिन्न शहरों में गृहस्थों के लिए माँ लक्ष्मी की पूजा का शुभ मुहूर्त :-

1 .दिल्ली – एन सी आर तथा इसके आस – पास के शहरों में :-
संध्या 06-00 से 07-53 पी.एम. तक
पूजा प्रारंभ की सबसे शुभ समय –
संध्या 06-48 से 06-59 पी. एम.

2. मुंबई और इसके आस – पास के शहरों में :-
संध्या 06-34 से 08-31 पी.एम. तक
पूजा प्रारंभ की सबसे शुभ समय –
संध्या 07-24 से 07-36 पी. एम.

3. पटना और इसके आस – पास के शहरों में :-
संध्या 05-34 से 07-28 पी.एम. तक .
पूजा प्रारंभ की सबसे शुभ समय –
संध्या 06-22 से 06-34 पी.एम.

4. रांची और इसके आस – पास के शहरों में :-
संध्या 05-39 से 07-34 पी.एम. तक
पूजा प्रारंभ की सबसे शुभ समय –
संध्या 06-28 से 06-40 पी.एम.

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धर्म-शास्त्र के अनुसार माँ लक्ष्मी के 8 रूप माने गए है | हर रूप विभिन्न कामनाओ को पूर्ण करने वाली है | दिवाली तथा प्रत्येक शुक्रवार को माँ लक्ष्मी के इन सभी रूपों की वंदना करने से असीम सम्पदा और धन की प्राप्ति होती है |
1) महालक्ष्मी, 2) धन लक्ष्मी, 3) धन्य लक्ष्मी, 4) गज लक्ष्मी, 5) संतान लक्ष्मी, 6) वीरा लक्ष्मी, 7) विजया लक्ष्मी, 8)विद्या लक्ष्मी |

आपके लिए यह जानना ज्यादा आवश्यक है कि माँ लक्ष्मी आप के ऊपर कैसे प्रसन्न होंगी ?

देखिये दीपावली के दिन तो सभी घर की साफ – सफाई और बड़े मन से लक्ष्मी की पूजा करते ही हैं | लेकिन जो प्रत्येक दिन घर की सफाई के साथ-साथ मन-मस्तिष्क की गन्दगी की सफाई करेगा, माँ लक्ष्मी उसपर प्रसन्न होगी |

जो मिट्टी की मूरत की पूजा के साथ – साथ घर में मौजूद लक्ष्मी के जीते जागते 8 स्वरुप :- 1. दादी, 2. माँ, 3. चाची, 4. फुआ, 5. बहन, 6. पत्नी, 7. बेटी, 8. बहू को प्रसन्न करेगा यक़ीनन देवी स्वतः उसे आर्शीवाद देंगी और उनके घर वास करेगी |

ध्यान रखिये इनकी आँखों में आँसू देकर आप किसी भी देवी- देवता का आशीर्वाद प्राप्त नहीं कर सकते | अतः घर में मौजूद इन देवियों को सम्मान देकर आप सदैव धनी और धन्य बने रहें |

आप सभी मित्रों, सम्बन्धियों एवं देशवासियों को दीपावली की शुभकामना ||

ज्योतिषाचार्य  समीर उपाध्याय

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