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क्या फिक्स्ड थे नेशनल अवार्ड्स ? अब बॉलीवुड से भी उठने लगे सवाल !

बॉलीवुड में पिछले 25 सालों से साल दर साल हिट फ़िल्में देने वाले सुपरस्टार अक्षय कुमार…किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं..खिलाडी कुमार के नाम से मशहूर अक्षय कुमार के ना सिर्फ इंडिया बल्कि पुरे विश्व में हैं करोड़ों फैंस..लेकिन पिछले शुक्रवार के पहले तक अक्षय के नाम पर बेस्ट एक्टर का कोई बड़ा अवार्ड नहीं था जिसके बारें में मज़ाक में ही सही अक्षय कई बार ज़िक्र करते रहते थे..यहाँ तक की अक्षय ने अपने कई इंटरव्यूज में इस बात का खुलासा तक किया था की उन्हें अवार्ड ना मिल पाने पर कई बार उनकी लवली वाइफ ट्विंकल खन्ना मज़ाक उड़ाया करती थी….और अब इस बार के नेशनल अवार्ड्स की लिस्ट में बेस्ट एक्टर के अवार्ड में अक्षय कुमार का नाम आया …फिल्म रुस्तम के लिए नैशनल अवॉर्ड जीतने वाले अक्षय कुमार इतने खुश हैं कि उन्हें अपने जज्बात जाहिर करने के लिए सही शब्द नहीं मिल रहे।

#NationalFilmAwards : Best Actor for Rustom,countless emotions,very hard to express my gratitude right now but still tried,a big THANK YOU🙏🏻 pic.twitter.com/Wo7mfi6dI8

— Akshay Kumar (@akshaykumar) April 7, 2017

वहीँ अक्षय को मिले बेस्ट एक्टर के इस नेशनल अवार्ड के बाद उनके करोड़ों फैंस में खुशियों का माहौल है…उनके फैंस के लिए इससे बड़ी कोई ख़ुशी हो नहीं सकती थी….

जहाँ एक तरफ अक्षय के फैंस हैं काफी खुश तो वही कई लोग ऐसे भी हैं जो उठा रहे हैं इस बार के नेशनल फिल्म अवार्ड्स के विनर्स चॉइस पर ही सवाल…जी हाँ अक्षय को अवार्ड दिए जाने पर सोशल मीडिया से लेकर तमाम जगहों पर सवाल उठाये जाने लगे..कुछ लोगों ने जूरी को बायस्ड बताया तो कुछ ने कोई और तर्क दिया…कुछ लोगों ने अक्षय के बेस्ट एक्टर चुने जाने पर सवाल उठाया और ये कहा की आमिर खान की दंगल और मनोज वाजपेयी की अलीगढ जैसी फिल्मो के रहते रुस्तम के लिए अक्षय को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवार्ड दिया जाना कहाँ तक जायज़ है…
वहां तक तो ठीक था लेकिन अब बॉलीवुड के अंदर से ही इंडस्ट्री के लोगों ने ही इस बार के नेशनल अवार्ड्स पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है….


सुपर डुपर हिट फिल्म ‘गजनी’ फिल्म के डायरेक्टर एआर मुरुगादोस ने भी उठा दिए हैं सवाल वो भी खुले आम। उन्होंने 64वें नैशनल अवॉर्ड्स को बायस्ड बताया है।
मुरुगादोस के मुताबिक, पुरस्कारों को लेकर भेदभाव किया गया है। बता दें कि इस बार जूरी को फिल्ममेकर प्रियदर्शन हेड कर रहे थे। लोग प्रियदर्शन और अक्षय के बीच अच्छे सम्बन्ध होने की बात कह रहे हैं ..वहीँ मुरुगादोस ने ट्वीट कर लिखा,’नैशनल अवॉर्ड्स में इस बार जूरी की तरफ से सीधे तौर पर भेदभाव देखा जा सकता है। यह बायस्ड थे।’



इससे पहले फिल्म ‘अलीगढ़’ के डायरेक्टर हंसल मेहता भी 64th नेशनल फिल्म अवार्ड्स के विनर्स के सलेक्शन को लेकर अपना पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने भी खुलकर किया है इस बार के नेशनल फिल्म अवार्ड्स का विरोध । हालांकि, हंसल बाद ने बाद में ये साफ़ किया की उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नही है ।

वैसे ये पहली बार नहीं है जब नेशनल फिल्म अवार्ड के विनर चॉइस पर सवाल उठाये गए हों… जब से ये नेशनल फिल्म अवार्ड्स दिए जा रहे हैं हैं तभी से इनके विनर चॉइस पर दबे ज़बान और खुलकर विरोध किया ही जाता है…तो इस बार भी सवाल उठाना कोई नयी बात नहीं मानी जा रही..कुछ लोग ये भी कहते नहीं शरमाते की जिसे अवार्ड नहीं मिलता उसके लिए अंगूर खट्टे होने जैसे मुहावरे ही फिट बैठते हैं…

वही बात अक्षय कुमार की तो पिछले साल अक्षय की तीन फिल्में एअरलिफ्ट, हाउसफुल 3 और रुस्तम सौ करोड़ क्लब में शामिल हुईं। इसके बावजूद उन्हें कई फिल्म अवार्ड्स में कोई अवार्ड नहीं मिला था । अक्षय ने भी कई बार पॉपुलर फिल्म अवॉर्ड्स की पारदर्शिता पर सवाल उठाया हुआ है । उन्होंने यहाँ तक कहा था कि कई आयोजक उनसे कहते हैं कि परफॉर्मेंस की फीस आधी ले लो तो आपको अवॉर्ड भी दे देंगे, लेकिन मैं कहता हूं कि मुझे अवॉर्ड मत दो, फीस पूरी दे दो। जहाँ अक्षय पहले अवार्ड्स पर उठाते थे सवाल वहीँ विडम्बना देखिये अब अक्षय को मिले नेशनल अवार्ड पर ही लोग उठा रहे हैं सवाल….


रजनी,सवांददाता,मुंबई

 

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