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अमित पुरोहित- ‘पंख’ से ‘सम्मोहनम’ तक का सफर

अतुल गंगवार

हर आदमी के जीवन में कर्म का महत्व होता है। कहते हैं जहां कर्म की रेखा खत्म होती है वहीं से भाग्य की रेखा शुरू होती है। अमित पुरोहित इंदौर से अपने सुनहरे भविष्य के अनेको ख्वाब लेकर इस मायानगरी में आये थे। शुरूआत में सहायक निर्देशक के रूप में काम किया फिर मॉडलिंग और उसके बाद मिली पहली फिल्म पंख, जिसका निर्देशन किया था जानेमाने निर्देशक संजय गुप्ता ने। पंख से सफर तो शुरू हो गया लेकिन उड़ान नही मिल पायी। पंख के बाद आलाप और आलाप के बाद शोभना 7 नाइट्स अमित का संघर्ष जारी रहा। कुछ प्रोजेक्ट बने लेकिन रोशनी का मुंह नही देख सके। अमित वहीं खड़े लोगों को आगे बढ़ता देखते रहे। अपने पीछे रह जाने से वो निराश नही हुए, उनका मानना था कि हां यह सच है वो बहुतों से पीछे रह गये लेकिन इस सच का दूसरा पहलु ये भी था वो बहुतों से आगे भी थे। तीन फिल्में करना ये भी कोई कम बात नही थी। बहुतों का तो सफर शुरू भी नही हो पाता। अमित की इस सकारात्मक सोच ने उन्हें हारने नही दिया। वो संघर्ष करते रहे और इस साल उनकी टॉलीवुड में धमाकेदार एंटरी हुई है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मोहना कृष्णा इंद्रगंटी द्वारा निर्देशित, सुधीर बाबू, अदिति राव हैदरी के साथ अमित पुरोहित ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सम्मोहनम’ दिखाई दे रहें हैं। पेश है अमित पुरोहित से हमारी खास बातचीत

अमित भाई सबसे पहले तो ‘सम्मोहनम’ की शानदार सफलता के लिए आपको बधाई और साथ ही सवाल भी कैसा लग रहा है?

अमित:- जी शुक्रिया । कैसा लग रहा है… क्या कहूं? ये एक ऐसा अहसास है जिसे शब्दों में ब्यान कर पाना संभव नही है। खुश हूं। ईश्वर का शुक्रगुज़ार हूं कि आखिर उसकी कृपा मुझ पर भी हुयी। उसने मुझे मोहन सर से मिलवाया और मैं सुधीर बाबू, अदिति राव हैदरी के साथ ‘ सम्मोहनम’ का हिस्सा बन पाया। दर्शकों ने फिल्म को प्यार दिया, सराहा और सुपरहिट बनाया।

बो.बि.:- बॉलीवुड से टॉलीवुड कैसे पंहुचे आप?

अमित:- ये एक रोचक कहानी है। मेरा कोई टॉलीवुड कनेक्शन नही था। किसी ने मेरा काम देखा और एक दिन मेरे पास राघव जी का कॉल आता है। वो मुझे मोहन सर से बात करवाते हैं। मोहन सर से मैं मिलता हूं और फिर मैं अपने आपको ‘सम्मोहनम’ का हिस्सा बना पाता हूं। मोहन सर, हमारे सिनेमेटोग्राफर विंदा पीजी सर, सुरेश कोटा सर के साथ सम्मोहनम की पूरी टीम ने मुझे अपना हिस्सा बना लिया। मेरे साथी कलाकारों ने मुझे इस बात का अहसास भी नही होने दिया कि मैं उनके बीच का नही हूं। सच कहूं तो सम्मोहनम के सेट पर बिताया समय मेरी ज़िन्दगी के सबसे पलों का गवाह है।

बो.बि.:- सम्मोहनम के निर्देशक मोहन कृष्णा के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

अमित:- मोहन सर अपने आप में एक इंस्टीटयूशन हैं। उनके साथ खड़ा होना ही बड़ी बात है। मैं खुशकिस्मत हूं की मुझे टॉलीवुड में ब्रेक उन्होंने दिया। मुझे किरदार के लिए जो भी थोड़ी बहुत प्रशंसा मिल रही है वो उनकी बदौलत है। उन्होंने मेरे किरदार को जिस तरह गढ़ा, मुझ पर भरोसा किया वो मेरे लिए सम्मान की बात है। मोहन सर के पास ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अतंराष्ट्रीय सिनेमा की भी अद्भुत जानकारी है। सेट पर सेट के बाहर हर समय उनसे कुछ ना कुछ सीखने को मिलता रहा।

बो.बि.:- सम्मोहनम बॉक्स ऑफिस के रिकार्ड तोड़ रही है। आपका किरदार भी सराहा जा रहा है। लोग उसको पहचान रहें हैं। आपकी फिल्म के बारे में क्या राय है?

अमित:- मेरे लिए इस फिल्म का हिस्सा बनना, फिल्म का सफल होना, मुझे टॉलीवुड में पहचान मिलना ये उस सपने का सच होना है जो मैने कभी नही देखा था। कहीं ना कहीं मुझे इस बात का अहसास था कि फिल्म सफलता की ऊंचाइयों को छुएगी। सम्मोहनम की पूरी टीम जिस तरह से मेहनत कर रही थी उससे मुझे भी एक सकारात्मक उर्जा का अहसास हो रहा था। बतौर अभिनेता मैने कभी इस तरह का किरदार नही निभाया था। लेकिन थैंक्स टू मोहन सर, सुधीर बाबू, अदिति जिन्होंने मुझे अपने साथ जगह दी। मेरे किरदार को अपनाया। मुझे हिम्मत दी जिसके कारण आज मुझे कुछ लोग टॉलीवुड में पहचानने लगे हैं।

बो.बि.:- भविष्य में कब हम आपको बड़े पर्दे पर देखेंगे? बॉलीवुड या फिर टॉलीवुड में ?

अमित:- फिल्हाल कुछ नए प्रोजेक्टस पर बात चल रही है। सम्मोहनम ने मुझे एक बार फिर मौका दिया है कि मैं लोगों के सामने खड़ा हो सकूं। मेरे लिए ईश्वर ने शायद कुछ बेहतर सोच रखा हो। फिल्हाल मैं सम्मोहनम के सम्मोहन में हूं। उम्मीद है जल्द ही आपके सामने फिर दिखाई दूंगा।

बो.बि.:- धन्यवाद अमित हमसे अपने दिल की बात शेयर करने के लिए। बोल बिंदास टीम की ओर से आपकी सफलता और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये।

 

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