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अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में होगा विश्वशांति पर विमर्श

बोल बिंदास: महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा शुरू किया गया आर्य समाज आंदोलन आज वट वृक्ष बन चुका हैं। दुनियाभर में आर्यसमाज के लोग हैं। समस्त हिंदू समाज को अंधविश्वास से बाहर निकालकर वेद सम्मत शिक्षा से जीने की प्रेरणा देने वाले महासम्मेलन में दुनियाभर से लोग आएंगे। कार्यक्रम में तीनों दिन यज्ञ किया जाएगा।
दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में 25 से 28 अक्टूबर तक होने वाले इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटृर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एमडीएच समूह के चेयरमैन महाशय धर्मपाल, कई सांसद, साहित्कार एवं विद्वतजन उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे होगी। इस दौरान आर्यसमाज के गौरवशाली इतिहास से लोगों को परिचित कराया जाएगा। इसके बाद वेद सम्मेलन में वेदों पर विमर्श और चर्चा होगी। इसके बाद अंधविश्वास ऐतिहासिक परिपेक्ष में होने वाले हानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। वर्तमान में बढ़ रहे अंधविश्वास के निवारण में आर्य समाज का दायित्व क्या होना चाहिए यह बताया जाएगा।


कार्यक्रम में लेजर शो का भी आयोजन किया जाएगा। तीनों दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में समाज के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी। नवजागरण के पुरोधा महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों का पालन करने के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों से आए गुरुकुलों के छात्रों द्वारा व्यायम कला का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रतिदिन भजन—कीर्तन एवं आध्यात्मिक प्रवचन एवं ध्यान व योग भी कराए जाएंगे। कार्यक्रम के अंतिम दिन महर्षि दयानंद के जन्म 200 वर्ष एवं आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष के लक्ष्य को लेकर भविष्य की पूर्ण रूपरेखा की प्रस्तुति की जाएगी।

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