You are here
Home > breaking > फिल्म रिव्यू : श्रीदेवी और नवाज की दमदार एक्टिंग,बेटी के लिए बदला लेती ‘MOM’

फिल्म रिव्यू : श्रीदेवी और नवाज की दमदार एक्टिंग,बेटी के लिए बदला लेती ‘MOM’

अंधेरी रात और दिल्ली की सुनसान सड़क ऐसे में एक ब्लैक कार का तेजी सा आना। गाड़ी रुकती है और दोनों तरफ के दरवाजे खुलते है। दो लोग बाहर निकलते है और एक टीनएज लड़की को नाले में फेक देते हैं। गाड़ी में क्या हुआ ये किसी ने भी नहीं देखा, लेकिन अंदर क्या हुआ है, ये हम सब जानते हैं। फिल्म का पहला शॉट आपको झकझोकरने के लिए काफी है।

स्टोरी: ये कहानी है एक मां की जो अपनी बेटी के गुनाहगारों को सजा दिलाने लिए किसी भी हद तक जा सकती है। देवकी एक स्ट्रिक्ट बायोलजी टीचर है जो अपने पति और दो बेटियों के साथ दिल्ली में रहती है। देवकी की जिंदगी में तब नया मोड़ आता है जब कुछ लोग बड़ी बेटी आर्या का रेप कर देते हैं। आर्या की जान तो बच जाती है, लेकिन उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। सबूतों के बिना आर्या के गुनाहगार भी छूट जाते हैं। ऐसे में देवकी खुद अपने बेटी को इंसाफ दिलाने का फैसला करती है। जिसके लिए वो एक जासूस डीके की मदद लेती है। इसी बीच क्राइम ब्रांच के ऑफिसर फ्रांसिस मैथ्यू भी अपनी तरफ से इस केस की जांच करते हैं, लेकिन देवकी अकेले ही अपनी बेटी के मुलजिमों को चुन-चुनकर मारती है। हालांकि, इस कहानी में कुछ भी नया नहीं है, लेकिन डायरेक्टर ने फिल्म को अलग ट्रीटमेंट दिया है जो आपको कहानी के साथ बांधे रखता है।

स्टार्स की एक्टिंग: फिल्म में श्रीदेवी ‘आर्या’ की सौतेली मां देवकी बनीं है, जिसे उसकी बेटी कभी नहीं अपना पाती और हमेशा मैम कहकर बुलाती है। ये श्रीदेवी की 300वीं फिल्म है और ये कहना गलत नहीं होगा कि वो इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी हैं। बेटी के दर्द से तड़पती हुई मां के रोल में उन्होंने जान डाल दी है। पाकिस्तानी एक्ट्रेस सजल अली ने ‘आर्या’ का किरदार निभाया है वो जितनी खूबसूरत हैं उनकी एक्टिंग उससे भी ज्यादा बेहतरीन हैं। ‘ढिशुम’ के बाद अक्षय खन्ना को ऑफिसर फ्रांसिस के रोल में देखना अच्छा लगा। फिल्म में सबसे ज्यादा ध्यान खींचते हैं जासूस डीके यानि की नवाजुद्दीन जिन्होंने एक अधेड़ उम्र के जासूस का काम बखूबी निभाया है। उनका लुक भी इसमें मदद करता है। ये कहना गलत नहीं होगा कि इन सारे एक्टर्स के बीच वो बाजी मार ले जाते हैं।

फिल्म का डायरेक्शन: फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है। पुरानी कहानी को भी डायरेक्टर रवि उदयावर ने नए तरीके से पेश किया है। हालांकि, वो इसे और बेहतर बना सकते थे। ओवरऑल इस फिल्म को स्टार्स की बेहतरीन एक्टिंग औऱ दमदार डायलॉग डिलीवरी के लिए देखा जा सकता है।

Leave a Reply

Top