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REVIEW: ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’

डायरेक्टर- कुषाण नंदी
स्टार कास्ट- नवाजुद्दीन सिद्दीकी, बिदिता बाग़, जतिन गोस्वामी और दिव्या दत्ता
म्युज़िक- गौरव डगाओंकर, अभिलाष लाकरा

प्रोडक्शन स्टेज से ही विवादों में रही फिल्म ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ आज रिलीज़ हो गयी है। गुरु, गुरु होता है और चेला, चेला होता है, इश्क, धोखे और कत्ल की कहानी पर बुनी है यह फिल्म। कुषाण ने फिल्म को बेहतरीन ढंग से बुना है। यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब बॉक्स ऑफिस पर देसी फिल्म ने दस्तक दी है।

गैंगस्टर बाबू की कहानी

फिल्म की कहानी बाबू बिहारी (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) की है जो पेशे से एक गैंगस्टर है। बाबू, जीजी (दिव्या दत्ता) के लिए काम करता है। बाबू एक दिलफेंक आदमी है जो किसी की सुनता नहीं है। इसमें एक दुबे भी है जो वॉयरिज्म का शिकार है, और उनको तभी ख़ुशी मिलती है जब वो अपनी पत्नी को किसी और के साथ देखते है। बाबू की मुलाकात फुलवा (बिदिता) से होती है और दोनों को इश्क़ हो जाता है। इसके बाद इस कहानी में एक और कैरेक्टर बांके बिहारी (जतिन) की एंट्री होती है जो बाबू को अपना
चेला मानने लगता है। इसके बाद इस कहानी में एक के बाद एक कई हादसे और सस्पेंस का सिलसिला शुरू होता है। एक स्थिति ऐसी भी आती है जब बाबू ढेर सारे धोखेबाजों के बीच में अपने आप को अकेला पाता है। कहानी का अंत बड़ा ही अप्रत्याशित है।

नवाज़ की दमदार परफॉरमेंस

अपनी दमदार एक्टिंग से नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक बार फिर साबित कर दिया की वे श्रेष्ठ कलाकारों में से एक है। उनकी जबरदस्त डायलॉग डिलीवरी, उनका डायलॉग को नेचुरल तरीके से बोलना ही उन्हें सबसे अलग करता है। फिल्म में नवाज के चेले बने जतिन ने भी कमाल एक्टिंग की है। वहीं बिदिता ने भी अपना काम बखूबी से किया है। फिल्म में पुलिस बने तारा शंकर चौहान और नेता बनी दिव्या दत्ता ने भी अच्छे तरीके से अपना किरदार निभाया है। पूरी कहानी को डायरेक्टर ने बेहतरीन दर्शाया है।

फिल्म का अन्य पहलु

फिल्म को पूरी तरह से देशी स्टाइल में बनाया गया है। जिस तरह फिल्म के किरदार बात करते है, नेचुरल तरीके से चीज़ों को पेश करते है वो कबीले-तारीफ है। फिल्म के दोनों हॉफ बेहतरीन है, फिल्म कहीं भी अपनी पकड़ छोड़ती हुई नज़र नहीं आएगी। कुल मिलाकर सिर्फ 5 करोड़ के बजट में एक बेहतरीन फिल्म बनी है। फिल्म की कहानी को बहुत ही अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया गया है। काफी लम्बे समय बाद एक कम्पलीट फिल्म आई है जिसके दोनों हाफ बेहतरीन है। ये फिल्म  “डार्क हैंडसम हीरो” को स्थापित करता है।

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