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गैंगस्टर बना हीरो – डैडी

डायरेकटर : आशिम अहलुवालिया
संगीत : साजिद-वाजिद
कलाकार : अर्जुन रामपाल, ऐश्वर्या राजेश

गैंगस्टर अरुण गवली पर बनी फिल्म ‘डैडी’ में गवली की जिंदगी के उस तमाम रंगों को दिखाया गया है, जो बहुत गहरा असर छोड़ते है. मुंबई की छोटी सी चाल से निकलकर एक आम आदमी गैंगस्टर बनता है. उसके कारनामें पुलिस के लिए सिरदर्द बन जाते हैं. फिल्म देखते हुए आपको लगेगा जैसे पहले भी कई बार इस तरह की फिल्में देख चुके हैं. गवली से डैडी बनना दिलचस्प है लेकिन नया और अनोखा नहीं.

फिल्म की कहानी 

फिल्म की कहानी 70 के दशक की है. जिसमे अरुण गवली एक मजदूर के बेटे है और दोस्तों के साथ मिलकर गुंडागर्दी करते है. फिर उसका गैंग बनता है और वह भाई के लिए काम करने लगता है. हालाँकि इसमें भाई का नाम नहीं बताया गया है लेकिन ये साफ हो जाता है कि दाऊद इब्राहिम की बात की जा रही है. इस बीच अरुण अपना काम अलग करना चाहते है और इसी चक्कर में वह भाई से दुश्मनी ले लेते है. गैंगस्टर से पॉलिटिशियन बने अरुण गवली की इस कहानी में आगे क्या होता है ये जानने के लिए आपको फिल्म देखने जाना होगा.

परफॉरमेंस

फिल्म की परफॉरमेंस की बात करें तो अर्जुन रामपाल ने अरुण गवली के किरदार को बहुत अच्छे से निभाया है. अर्जुन की आवाज़ और डायलोग डिलीवरी गवली की तरह ही है. वहीं दाऊद का किरदार फरहान अख्तर ने निभाया है. हालाँकि पटकथा सपाट होने की वजह से ज्यादा कुछ करने को मिला नहीं है. कोई खास डायलोग नहीं है जिसे की याद रखा जा सके. अर्जुन लुक वाइज आपको एकदम अरुण गवली ही लगेंगे. वहीं दाउद का किरदार ऐसा लगता है जैसे जबरदस्ती फिल्म में डाला गया है. वहीं पुलिस के रोल में निशिकांत कामत ने अच्छा काम किया है.

फिल्म में कुछ ख़ास
मुंबई और महाराष्ट्र के लोग तो गवली से भली-भाँती परिचित है, लेकिन बाहर के लोग उसे जानने के लिए ये फिल्म देख सकते है. फिल्म में एक मिल वर्कर के बेटे से अंडरवर्ल्ड का जाना माना चेहरा बनने की कहानी है. 70 से 80 के दशक में बीआरए गैंग यानि बाबु आनंद, रमा राजेश और अरुण गवली सेंट्रल मुंबई में आतंक मचाने की कहानी है. फिल्म इंडियन क्राइम हिस्ट्री के एक बड़े नाम अरुण गवली की कहानी पेश करती है.

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