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रुणानिधि के निधन के बाद DMK में छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई, अलागिरी और स्टालिन में पार्टी संभालने की जंग

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम करुणानिधि निधन के बाद आज पार्टी की आपातकालीन कार्यकारी बैठक सुबह 10 बजे से शुरू हो गई ।
ये बैठक डीएमके के नेतृत्व और अध्यक्ष के लिये चुनाव और पार्टी के काम करने की रणनीति पर चर्चा होनी है। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि करुणानिधि के बाद उनके दोनों बेटों के बीच पार्टी में वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है।
करुणानिधि के बड़े बेटे का नाम एके अलागिरी हैं जबकि छोटे  बेटे एमके स्टालिन को करुणानिधि ने निधन से पहले ही अपना वारिस घोषित कर दिया था। करुणानिधि के दौरान स्टालिन एक साल से भी ज्यादा समय से पार्टी का कामकाज देख रहे हैं।
दूसरी तरफ, पिता की मौत के बाद स्टालिन के भाई अलागिरी ने अपनी ताक़त दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके पिता के सारे वफ़ादार  उनकी तरफ़ हैं। ऐसे में सबकी निगाहें आज होने वाली मीटिंग पर हैं। देखना दिलचस्प होगा कि अलागिरी को लेकर स्टालिन क्या कदम उठाते हैं।
आपको बता दें है कि अलागिरी ने अपने पिता के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पिता को पार्टी के बारे में अपनी व्यथा से अवगत कराया था।
गौरतलब है कि अलागिरी डीएमके के शीर्ष पद पर काबिज होना चाहते थे, लेकिन उनके पिता करुणानिधि ने अलागिरी के स्थान पर अपने दूसरे बेटे एमके स्टालिन को तरजीह दी। अलागिरी को पार्टी नेताओं की आलोचना करने के लिए 2014 में पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था।

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