You are here
Home > HOME > Vishesh

देवबंद को देववृंद करने से क्या होगा? रवि पाराशर

रवि पाराशर हाल ही में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद सहारनपुर ज़िले के देवबंद क़स्बे का नाम ‘देववृंद’ करने के समर्थन में आवाज़ उठी। एक और मांग चर्चा में है कि मुंबई में ढाई एकड़ में बने 2603 करोड़ रुपए की क़ीमत वाले जिन्ना हाउस को ढहाकर वहां सांस्कृतिक केंद्र

माँ का नामकरण- कमलेश के मिश्र

आजमदर्स डे की सोशल धूम है. पहली नज़र में मेरा मानना है कि यह बाज़ारजनित नवसृजित पर्व है. एक दिन में क्या जतेगा माँ के प्रति आदर. माँ तो युगों में बसी हस्ती है माँ मेरे साँसों की किश्ती है तो आजका दिन माँ के लिए स्पेशल बन रहा है तो

सिद्धांत और विचारधारा की नहीं दौलत और वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं नक्सली : शरत सांकृत्यायन

सिद्धांत और विचारधारा की नहीं दौलत और वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं नक्सली : शरत सांकृत्यायन छत्तीसगढ़ का सुकमा एक बार फिर हमारे जवानों के खून से लाल हो गया है। नक्सली हमले में 25 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गये। नक्सलियों की इस कायरतापूर्ण कार्रवाई की हर तरफ कड़ी निंदा

अपने कर्म ठीक करो, जनता EVM ठीक कर देगी

बोल बिंदास दिल्ली के विधानसभा चुनावों में अभूतरपूर्व विजय के बाद आम आदमी पार्टी के 'मालिक' अरविंद केजरीवाल (मालिक इसलिए की इस पार्टी में केजरीवाल के अलावा किसी की नही चलती) की राजनैतिक महत्वकांक्षा आसमां की बुलंदियों को छू रही थी. वो देश की राजनीति में विपक्ष के सर्वमान्य नेता बनने

दिल्ली, लाल कोट से लाल किला तक -नलिन चौहान

नलिन चौहान किला राय पिथौरा-लाल कोट भारतीय गौरवशाली अतीत की एक प्रेरणादायक गाथा का भाग है। अरावली पर्वत श्रृंखला के सबसे सामरिक भाग में स्थित किला दिल्ली के इतिहास के कई उतार-चढ़ाव का साक्षी रहा है। “दिल्ली और उसका अंचल” पुस्तक के अनुसार, अनंगपाल को पृथ्वीराजरासो में अभिलिखित भाट परम्परा के

चंपारण से खेड़ा तक – प्रियप्रकाश

चंपारण से खेड़ा तक चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष पर गांधी को अपना बताकर और गांधी जी के पदचिन्हों पर चलने की बात कहने की कहीं दोनों सरकार के बीच होड़ तो नहीं ? या फिर गांधी जी के बताए रास्ते ही आज की बदली परिस्थिति में एकमात्र विकल्प है

Top