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श्रमिकों के हक के लिए भारतीय मजदूर संघ का 17 नवम्बर को संसद पर हल्ला बोल

भारतीय श्रमिकों की लम्बे समय से लम्बित मांगों को पूर्ण कराने  के लिए 17 नवम्बर 2017 को भारतीय मजदूर संघ का संसद मार्च एवं महारैली का आह्वान्
बोल बिंदास, दिल्ली- स्वदेशी जागरण मंच की 29 अक्तूबर को दिल्ली में हुयी रैली के बाद संघ परिवार के एक अन्य संगठन भारतीय मजदूर संघ ने केन्द्र सरकार पर हल्ला बोल दिया है। भारतीय मजदूर संघ ने नई दिल्ली में 17 नवम्बर 2017 को एक विराट रैली-प्रदर्शन का आयोजन करने जा रहा है। इस रैली में देश के सभी प्रदेशों से जिनमें दूर-दराज क्षेत्र जैसे मणिपुर, त्रिपुरा, तमिलनाडु, केरल, अंडमान निकोबार आदि स्थानों से लाखों कार्यकर्ता भाग लेंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी सम्मिलित होंगी। यह संगठित क्षेत्र, असंगठित क्षेत्र, निजी क्षेत्र तथा सरकारी क्षेत्र का के मजदूरों का समागम होगा। इस विशाल रैली-प्रदर्शन का उद्देश्य केन्द्र सरकार पर दवाब बनाना होगा जिससे कि सरकार श्रमिक क्षेत्र के प्रति अपने नजरिये व कार्यशैली में परिवर्तन लाए।
भारतीय मजदूर संघ की 44 औद्योगिक इकाइयां अपने अलग मांग पत्र प्रस्तुत करेंगी। इनकी मुख्य मांगे हैं-
आंगनबाड़ी व अन्य स्कीम वर्कर्स की लम्बे समय से लम्बित मांगो को हल करना। सभी क्षेत्रों में समान कार्य के लिए समान वेतन का भुगतान करना, सभी प्रकार की ठेका प्रथा को समाप्त करना,  जीएसटी के लागू होने के कारण बीड़ी कर्मचारी, निर्माण कर्मचारी आदि से सम्बन्धित श्रमिक कल्याण बोर्डों को सैस से मिलने वाली धन राशि का सरकार के द्वारा प्रावधान करना,  सभी प्रकार के श्रमिकों, स्वरोजगार सहित चिकित्सा सुविधा व पेंशन सहित सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना, नीति आयोग में श्रमिक व किसान प्रतिनिधियों की नीति निर्धारण में भागीदारी सुनिश्चित करना, श्रम सुधार कानून के नाम पर श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों का हनन रोकना, प्रत्येक उद्योग व संस्थानों में न्यूनतम वेतन प्रत्येक स्तर पर दिया जाना सुनिश्चित करना, असंगठित क्षेत्र श्रमिक कल्याण बोर्ड के लिए फन्ड बढ़ाया जाना, मनरेगा में श्रमिकों को कम से कम 200 दिन का रोजगार दिलाना, सार्वजनिक उपक्रम व वित्तीय संस्थानों की रक्षा किया जाना आदि।
मांग पत्र,  प्रधानमंत्री द्वारा श्रमिक समस्याओं को हल करने वाली अन्तरमंत्रालइन समूह जिसमें पांच मंत्री सम्मलित हैं, के अध्यक्ष, वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली को सौंपा जाएगा।

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