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विश्व में श्री अकाल तख्त साहिब के मान-सम्मान एवं शानो-शौकत के लिए वचनबद्ध है राष्ट्रीय सिख संगत

हिन्दुस्थान की आन-बान- शान एवं भारतीय अस्मिता के रक्षक, राष्ट्र के गौरव, सर्वंशदानी, महान तपस्वी, युगदृष्टा, कवि ब्रह्मवेत्ता, साहिब-ए- कमाल, साहिब श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश वर्ष को समस्त सिख जगत, अनेक स्वयंसेवी संस्थाएं तथा भारत सरकार पूर्ण श्रद्धा के साथ मना रही है। इस हेतु भारत सरकार ने राष्ट्रीय समिति का गठन किया है जिसमें राष्ट्रीय सिख संगत के 6, विश्व हिन्दू परिषद् तथा संघ कार्यकर्ताओं को स्थान दिया है। हमारे द्वारा स्थानीय तथा विश्व स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के साथ- साथ विभिन्न विश्वविद्यालयों, राजभवनों व मुख्यमंत्री आवासों पर भी आयोजन किए गए हैं। जिसमें प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से करोड़ों लोग जुड़े हैं तथा दशम गुरुजी का जीवन, उनका आध्यात्म व उनके बलिदान की गाथा आम जन तक पहुंचाकर, सौहार्द, सांझीवालता व देशभक्ति का वातावरण बना है। इसी क्रम में 25 अक्टूबर 2017 को सायं 5.00 बजे तालकटोरा स्टेडियम में एक विशाल सर्वधर्म सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सिख जगत की महान हस्तियों को सिख संत, उदासी, नामधारी, निर्मले सन्यासी, बौद्ध एवं जैन धर्म के महान धार्मिक व सामाजिक व्यक्तियों के साथ-साथ विभिन्न राजनैतिक विचारधारा वाले व्यक्ति, कई राज्यों के माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री भी सम्मिलित होकर अपनी भावांजलि अर्पित करेंगे। ऐसे पवित्र आयोजन, जिसमें गुरुजी का सन्देश व जीवन दूरस्थ स्थानों तक पहुंचाने का अवसर रहेगा। कुछ व्यक्ति व संस्थाएं महज क्षुद्र राजनीतिक हितों के कारण बेवजह इसको सिख सम्मेलन बताकर विरोधाभास खड़ा कर पाप कमा रहे हैं। कुछ लोग अपनी कुत्सित मानसिकता के कारण हमें श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा छोड़े जाने का झूठा प्रचार कर रहे हैं। यह सरासर गलत एवं निहायत घटिया दर्जे की राजनीति है। जहां तक 2004 के सन्देश-नामे का प्रश्न है कि वह श्री गुरुग्रंथ साहिब के 400वें सम्पादन वर्ष पर हमारे संगठन द्वारा आयोजित की जाने वाली यात्राओं के क्रम में था। हमारे द्वारा उस समय वह यात्रा रद्द कर दी गई थी तथा अकाल तख्त साहब के निर्णय के तहत बाद में एस.जी.पी.सी.द्वारा आयोजित यात्राओं में हमारे संगठन ने भाग भी लिया था और उस कार्यक्रम को पूरे देश-विदेश में हर्षोल्लास से मनाया भी था। उसी समय समाप्त हो चुके विषय को उठाकर समाज के विभिन्न वर्गों में वैमनस्य व विद्वेष पैदा करना आपाराध्कि कृत्य है। जिससे उन्हें बाज आना चाहिए। हमारी विनम्र प्रार्थना सिख संगतों व विभिन्न धर्मिक पुरुषों से है कि इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर गुरुजी का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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