You are here
Home > ASTROLOGY > मरने के बाद शरीर किसी काम आया तो मौत भी सार्थक होगी

मरने के बाद शरीर किसी काम आया तो मौत भी सार्थक होगी

सृष्टि में अनेकों उदाहरण मिलते है जब किसी ने अपने जीवन को समाज के प्रति समर्पित किया और मृत्यु पश्चात भी समाज की चिंता की।

ऐसी ही एक पुण्यात्मा श्रीमती सुमित्रा देवी गर्ग का देहदान दधीचि देहदान समिति द्वारा  संपन्न कराया गया | उनका शरीर लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज को सौंपा गया | इस अवसर पर समिति के सदस्य श्रीमती गीता शर्मा, आशा गोलानी, अमित जी राजेश जैन और सुधीर कालरा जी उपस्थित थे | कार्य को सुचारु रुप से संपन्न कराने में सभी का सराहनीय योगदान रहा |  सबसे हैरानी की बात यह रही कि जब उनके बेटे नरेश गर्ग और दामाद श्रीनिवास गुप्ता जी से इस बारे में पूछा गया कि क्या यह आपकी माता जी की इच्छा थी या अापने समाज में एक अनूठा उदाहरण पेश करने के लिए ऐसा किया तो उन्होंने कहा की माता जी की खुद की इच्छा थी की शरीर को आग के हवाले करने से क्या फायदा ?

मरने के बाद भी अगर मेरा शरीर किसी के काम आया तो मेरी तो मौत भी सार्थक हो जाएगी सुनकर  लगा कि धन्य है ऐसी पुण्य आत्मा  जो मानवता के विषय में इतना सोचती हैं | नरेश जी से पूछा गया कि क्या आप सामाजिक रीतियों  में विश्वास नहीं रखते जैसा कि विदित  है कि यह शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है तो उसे उन पांच तत्वों में ही विलीन होना चाहिए तो उनका कहना था कि समाज हम सभी से बना है और उसमें बदलाव लाने के लिए किसी को तो पहल करनी ही होगी |  वहां उपस्थित डेढ़ सौ से दो सौ लोगों ने भी इसके बारे में जानकारी ली और फार्म भरने की इच्छा जाहिर की |धन्य है ऐसी पुण्य आत्माएं जो समाज में मानवता के लिए एक मिसाल छोड़ जाती हैं | भगवान ऐसी पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें |

Leave a Reply

Top