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केरल में सीपीएम प्रायोजित राजनैतिक हिंसा के विरोध में एबीवीपी का दिल्ली में प्रदर्शन

बोल बिंदास, दिल्ली-    जहाँ एक ओर केरल में सीपीएम प्रायोजित राजनैतिक हिंसा के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की ऐतिहासिक महारैली आज केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में हुई, वहीँ दिल्ली स्थित केरल भवन के बाहर एबीवीपी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया| डीयू, जेएनयू व जामिया के प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने केरल की वामपंथी सरकार और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की| सुबह साढ़े ग्यारह बजे पुलिस द्वारा चारों ओर से घेराबंद केरल भवन छात्रों के “कन्नूर की गलियाँ सूनी हैं, कम्युनिस्ट गुंडे खूनी हैं”, “कम्युनिस्ट पार्टी शर्म करो, मासूमों का कत्लेआम बंद करो”, “कम्युनिस्ट हिंसा मुर्दाबाद” जैसे नारों से गूँज उठा| प्रदर्शन को छात्रनेताओं ने संबोधित किया|

एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा ने कहा कि जिस प्रकार केरल की वामपंथी सरकार के प्रश्रय में वहां एबीवीपी और संघ के कार्यकर्ताओं पर हमले बढे हैं यह वामपंथियों का असली चेहरा उजागर करता है| वामपंथी दिल्ली में तो ‘अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता’ के नारे लगाते हैं, लेकिन जिस राज्य में ये सत्ता पाते हैं वहां अपने असली हिंसक, अत्याचारी और तानाशाही रूप में आ जाते हैं और अपने वैचारिक विरोधियों को जान से ही मारने का कुकृत्य करते हैं| हम केरल की पिनाराई सरकार से अपने कार्यकर्ताओं के लिए जीने का अधिकार मांग रहे हैं, जिस प्रकार वहां हमारे कार्यकर्ताओं की राजनैतिक हत्याएं हो रही हैं और आये दिन हमारे कार्यालयों पर हमले हो रहे हैं, यह इस सरकार के प्रत्यक्ष प्रश्रय के बिना संभव नहीं है| मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को अपने कम्युनिस्ट गुंडों को काबू में रखकर इन हमलों को रोककर अपनी संवैधानिक दायित्व को निभाना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य से जब से वो मुख्यमंत्री बने हैं तभी ये हमले बढ़ गए हैं और पिछले 18 महीनों में 14 स्वयंसेवकों को मौत के घात उतार दिया गया है| वामपंथियों ने केरल की पवित्र और नैसर्गिक धरती को मासूमों की हत्या कर रक्तरंजित कर दिया है| यह अत्याचार और अन्याय बंद होना चाहिए और केरल में सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए| आज हमारे देशभर के पचास हज़ार कार्यकर्ता केरल में एतिहासिक महारैली कर रहे हैं और यहाँ दिल्ली में हमारा यह प्रदर्शन उनके समर्थन में है|

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