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संसद पर हमले की 16वीं बरसी आज, मोदी सहित संसद सदस्यों ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

साल 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की आज 16वीं बरसी पर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को आज भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में कृतज्ञ राष्ट्र ने संसद पर आतंकवादी हमले की 16वीं बरसी पर लोकतंत्र के मंदिर और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को आज भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

इस मौके पर यहां संसद भवन परिसर में सुबह विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें देश के इन सपूतों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया और उनके स्मारक तथा चित्रों श्रद्धासुमन अर्पित किये गये.

कार्यक्रम में 2001 को आज ही के दिन संसद पर हुए हमले को नाकाम करने में शहीद एवं घायल हुए लोगों के परिजन भी मौजूद थे जिनके प्रति एकजुटता प्रदर्शित की गयी. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने धुन बजाकर श्रद्धांजलि दी.

भारतीय लोकतंत्र के प्रतीक संसद भवन पर कायराना हमला करके देश की एकता एवं अखंडता को नुकसान पहुंचाने के दुर्दान्त आतंकवादियों के नापाक इरादों को नेस्तनाबूद करने वाले इन शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वालों में नायडू, मोदी के अलावा लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी, पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, उपनेता आनंद शर्मा तथा कुछ अन्य विपक्षी पार्टी के सांसद और अन्य विशिष्टजन मौजूद थे.

 इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरूण जेटली, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार, रेल मंत्री पीयूष गोयल और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद लालकृष्ण आडवाणी तथा अन्य लोग मौजूद थे.

देश के अन्य हिस्सों में भी कई कार्यक्रम आयोजित करके सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को याद किया गया तथा देश की एकता एवं अखंडता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया गया.

भारी हथियारों से लैस लश्करे तैयबा और जैशे मोहम्मद के आतंकवादियों ने संसद भवन पर अचानक हमला कर दिया था. बहादुर सुरक्षा बलों ने सभी पांचों आतंकवादियों को ढेर करके हमले को नाकाम कर दिया था. हमले में नौ लोग शहीद हुए थे तथा 18 घायल हुए थे 1

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की कांस्टेबल कमलेश कुमारी ने सबसे पहले आतंकवादियों को देखा और अलर्ट किया . वह आतंकवादियों की गोली का शिकार हुई और मौके पर ही शहीद हो गयी. कांस्टेबल कमलेश के अलावा दिल्ली पुलिस के पांच जवान, राज्यसभा के दो कर्मचारी और एक माली ने  जान गंवायी.

एक आतंकवादी ने संसद के एक गेट के सामने खुद को उड़ा लिया था तथा चार अन्य को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था.

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